| समय: तीन घण्टे 15 मिनट | (पूर्णांक: 70) |
- निर्देश: 1. इस प्रश्न-पत्र में कुल सात प्रश्न हैं।
- 2. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- 3. प्रत्येक प्रश्न के प्रारम्भ में उल्लेख कर दिया गया है कि उसके कितने खण्ड करने हैं।
- 4. प्रत्येक प्रश्न के अंक उसके सम्मुख अंकित हैं।
- 5. प्रथम प्रश्न से प्रारम्भ कीजिए और अंतिम प्रश्न तक करते जाइए। जो प्रश्न न आता हो उस पर समय नष्ट न कीजिए।
- 6. यदि रफ कार्य के लिये स्थान अपेक्षित है, तो उत्तर पुस्तिका के बाएँ पृष्ठ पर कीजिए और फिर उसे काट (✕) दीजिए। उस पर कोई हल न लिखिए।
- 7. प्रश्नों के हल उत्तर पुस्तिका के दोनों ओर पृष्ठों पर लिखिए। प्रश्न संख्या 1 के अतिरिक्त सभी प्रश्नों के हल के क्रियापद लिखिए।
- 8. रचना वाले प्रश्नों में रचना सम्बन्धित चाप व रेखाएँ न मिटाएँ। रचना पद यदि पूछा गया है तो लिखिए।
- 9. जिस प्रश्न के हल में चित्र खींचना आवश्यक हो, उसमें स्वच्छ एवं स्पष्ट चित्र अवश्य खींचिए अन्यथा उसके अभाव में हल अपूर्ण और अशुद्ध माना जायेगा।
यह नया प्रश्नपत्र उत्तर प्रदेश बोर्ड कक्षा 10 गणित (2018) – सेट 822 (HZ) का है। नियमानुसार, इसके पहले 3 स्वतंत्र बहुविकल्पीय प्रश्नों (1 क, ख, ग) का पूर्ण हल नीचे दिया गया है:
प्रश्न 1 (क)
व्यंजक
(i) -1 (ii) 0 (iii) 1 (iv) 2
हल:
दिए गए भिन्न के अंश (Numerator) और हर (Denominator) को ध्यान से देखें:
• अंश = (x/y) – 1
• हर = 1 – (x/y)
यदि हम अंश में से ऋणात्मक चिह्न (-) कॉमन (उभयनिष्ठ) ले लें, तो यह इस प्रकार बदल जाएगा:
(x/y) – 1 = – (1 – x/y)
अब इस मान को मूल व्यंजक में रखने पर:
= 1 + (-1)
= 1 – 1 = 0
प्रश्न 1 (ख)
tan (570°) का मान होगा:
(i) -√3 (ii) -1/√3 (iii) 1/√3 (iv) √3
हल:
कोण 570° को हम 360° के गुणज के रूप में तोड़कर लिख सकते हैं:
570° = 360° + 210°
चूँकि हम जानते हैं कि tan (360° + θ) = tan θ होता है (एक पूर्ण चक्कर के बाद त्रिकोणमितीय अनुपात पहले चतुर्थांश की तरह समान रहता है):
tan (570°) = tan (210°)
अब 210° को पुनः तीसरे चतुर्थांश के रूप में व्यक्त करने पर:
210° = 180° + 30°
चूँकि तीसरे चतुर्थांश में tan धनात्मक होता है और सूत्रानुसार tan (180° + θ) = tan θ होता है:
tan (210°) = tan (30°)
हम जानते हैं कि tan 30° का मान 1/√3 होता है।
प्रश्न 1 (ग)
चित्र में, यदि ∠SQR = 65° और ∠RPQ = 40° हो, तो ∠QRS का माप होगा:
वृत्त के सिद्धांतों के अनुसार, एक ही वृत्तखंड में बने कोण (Angles in the same segment) समान होते हैं।
यहाँ जीवा QR द्वारा परिधि पर दो कोण ∠RPQ और ∠RSQ बन रहे हैं।
इसलिए, ∠RSQ = ∠RPQ = 40°
अब त्रिभुज ▵QRS में, त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग 180° होता है:
∠SQR + ∠RSQ + ∠QRS = 180°
मान रखने पर:
65° + 40° + ∠QRS = 180°
105° + ∠QRS = 180°
∠QRS = 180° – 105°
∠QRS = 75°
इस पृष्ठ पर कई प्रश्न दिए गए हैं। नियम के अनुसार, पहले 3 स्वतंत्र प्रश्नों (1 घ, ङ, च) का सटीक SVG और विस्तृत हल नीचे प्रस्तुत है:
प्रश्न 1 (घ)
सरल रेखा x + y = 0 की लम्ब रेखा x-अक्ष के साथ कोण बनाती है:
(i) 30° (ii) 45° (iii) 60° (iv) 90°
हल:
दी गई रेखा का समीकरण: x + y = 0 ⇒ y = -x
इस रेखा की प्रवणता (Slope, m₁) = -1 है।
हम जानते हैं कि दो परस्पर लम्ब रेखाओं की प्रवणताओं का गुणनफल -1 होता है (m₁ × m₂ = -1):
(-1) × m₂ = -1
m₂ = 1
लम्ब रेखा द्वारा x-अक्ष के साथ बनाया गया कोण यदि θ हो, तो:
tan θ = m₂
tan θ = 1
tan θ = tan 45°
θ = 45°
प्रश्न 1 (ङ)
एक बेलन और शंकु की ऊँचाइयाँ बराबर हैं और आधार की त्रिज्याएँ बराबर हैं। उनके आयतनों का अनुपात होगा:
(i) 1 : 3 (ii) 3 : 1 (iii) 2 : 3 (iv) 2 : 5
हल:
माना बेलन और शंकु दोनों की समान त्रिज्या = r है और समान ऊँचाई = h है।
• बेलन का आयतन (Volume of Cylinder) = πr²h
• शंकु का आयतन (Volume of Cone) =
दोनों के आयतनों का अनुपात ज्ञात करने पर:
प्रश्न 1 (च)
रेखाओं x + y + 1 = 0 तथा x + y + 5 = 0 के बीच की दूरी होगी:
(1) 4 इकाई (2) 2√2 इकाई (3) 4√2 इकाई (4) 6√2 इकाई
हल:
दो समान्तर रेखाओं ax + by + c₁ = 0 तथा ax + by + c₂ = 0 के बीच की दूरी का सूत्र है:
मान रखने पर:
दूरी = (4 × √2) / (√2 × √2) = 4√2 / 2 = 2√2 इकाई
निर्देशानुसार, प्रश्न 2 के पहले 3 स्वतंत्र भागों (क, ख, ग) का पूर्ण एवं सटीक हल नीचे प्रस्तुत है:
प्रश्न 2 (क)
व्यंजकों x³ + x² + x + 1 और x⁴ – 1 का महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात कीजिए।
महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करने के लिए दोनों व्यंजकों के गुणनखंड (Factors) करते हैं:
1. पहले व्यंजक का गुणनखंड:
x³ + x² + x + 1 = x²(x + 1) + 1(x + 1)
= (x + 1)(x² + 1)
2. दूसरे व्यंजक का गुणनखंड:
x⁴ – 1 = (x²)² – (1²)²
सूत्र a² – b² = (a – b)(a + b) का उपयोग करने पर:
= (x² – 1)(x² + 1)
पुनः x² – 1 को (x – 1)(x + 1) लिखने पर:
= (x – 1)(x + 1)(x² + 1)
3. महत्तम समापवर्तक (HCF) निकालना:
दोनों व्यंजकों में जो गुणनखंड उभयनिष्ठ (Common) हैं, उन्हें चुनते हैं:
• उभयनिष्ठ गुणनखंड = (x + 1) और (x² + 1)
HCF = (x + 1)(x² + 1)
गुणा करने पर:
HCF = x³ + x² + x + 1
उत्तर: महत्तम समापवर्तक (HCF) x³ + x² + x + 1 है।
प्रश्न 2 (ख)
सिद्ध कीजिए:
tan² A sec² B – sec² A tan² B = tan² A – tan² B
LHS (वाम पक्ष) लेने पर:
LHS = tan² A sec² B – sec² A tan² B
त्रिकोणमितीय सर्वसमिका sec² θ = 1 + tan² θ का उपयोग करके sec वाले पदों को tan में बदलने पर:
• sec² B = 1 + tan² B
• sec² A = 1 + tan² A
इन मानों को प्रतिस्थापित करने पर:
LHS = tan² A (1 + tan² B) – (1 + tan² A) tan² B
कोष्ठक खोलने (गुणा करने) पर:
= (tan² A + tan² A tan² B) – (tan² B + tan² A tan² B)
= tan² A + tan² A tan² B – tan² B – tan² A tan² B
समान पद + tan² A tan² B और – tan² A tan² B आपस में निरस्त (कट) हो जाएँगे:
= tan² A – tan² B = RHS
इति सिद्धम्।
प्रश्न 2 (ग)
चित्र में, वृत्त का केन्द्र O है (चित्र में O को Q दर्शाया गया है)। यदि ∠AOB = 90° तथा ∠PBA = 30° हो, तो ∠PAO की माप ज्ञात कीजिए।
1. त्रिभुज ▵OAB में:
चूँकि OA और OB वृत्त की त्रिज्याएँ हैं, इसलिए OA = OB होगा।
हम जानते हैं कि बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं:
∠OAB = ∠OBA
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है:
∠AOB + ∠OAB + ∠OBA = 180°
90° + 2∠OAB = 180°
2∠OAB = 90° ⇒ ∠OAB = 45° —— (समीकरण 1)
2. वृत्तखंड के कोण के नियम से:
केन्द्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दुगुना होता है।
जीवा AB द्वारा केन्द्र पर बना कोण ∠AOB = 90° है, इसलिए परिधि पर बना कोण ∠APB इसका आधा होगा:
∠APB = 90° / 2 = 45° —— (समीकरण 2)
3. त्रिभुज ▵PAB में:
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है:
∠APB + ∠PBA + ∠PAB = 180°
मान रखने पर (∠PBA = 30° दिया है):
45° + 30° + ∠PAB = 180°
75° + ∠PAB = 180° ⇒ ∠PAB = 105° —— (समीकरण 3)
4. ∠PAO का मान ज्ञात करना:
चित्र के अनुसार, कोण ∠PAB दो कोणों का योग है:
∠PAB = ∠PAO + ∠OAB
105° = ∠PAO + 45° (समीकरण 1 से मान रखने पर)
∠PAO = 105° – 45°
∠PAO = 60°
उत्तर: ∠PAO की माप 60° है।
दिए गए चित्र के सभी तीनों प्रश्नों [प्रश्न 2 (घ), प्रश्न 3 (क) और (ख)] का विस्तृत एवं सटीक हल नीचे प्रस्तुत है:
प्रश्न 2 (घ)
एक गोले के आयतन और वक्र पृष्ठ के संख्यात्मक मान बराबर हैं। गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
माना गोले की त्रिज्या = r इकाई है।
हम जानते हैं कि:
• गोले का आयतन (Volume of Sphere) =
• गोले का वक्र पृष्ठ (Surface Area of Sphere) = 4πr²
प्रश्न के अनुसार दोनों के संख्यात्मक मान बराबर हैं:
उत्तर: गोले की त्रिज्या 3 इकाई है।
प्रश्न 3 (क)
सिद्ध कीजिए कि समीकरण (q – r)x² + (r – p)x + (p – q) = 0 का एक मूल 1 है। समीकरण का दूसरा मूल भी ज्ञात कीजिए।
दी गई द्विघात समीकरण: (q – r)x² + (r – p)x + (p – q) = 0
1. सिद्ध करना कि 1 एक मूल है:
समीकरण के बाएं पक्ष (LHS) में x = 1 रखने पर:
LHS = (q – r)(1)² + (r – p)(1) + (p – q)
= q – r + r – p + p – q
सभी पद आपस में कट जाते हैं:
= 0 = RHS
चूँकि x = 1 समीकरण को संतुष्ट करता है, अतः 1 इस समीकरण का एक मूल है।
2. दूसरा मूल ज्ञात करना:
माना समीकरण का दूसरा मूल β है और पहला मूल α = 1 है।
मानक द्विघात समीकरण Ax² + Bx + C = 0 से तुलना करने पर:
A = (q – r), B = (r – p), C = (p – q)
हम जानते हैं कि मूलों का गुणनफल (α × β) = C / A होता है:
1 × β = (p – q) / (q – r)
उत्तर: दूसरा मूल (p – q)/(q – r) है।
प्रश्न 3 (ख)
यदि n प्रेक्षणों x₁, x₂, x₃, ….., xₙ का समान्तर माध्य m है, तो प्रेक्षणों
दिया गया है कि मूल प्रेक्षणों का माध्य m है:
अब नए प्रेक्षणों का नया माध्य (M) ज्ञात करने पर: